मन तू Mann Tu Lyrics | Atkan Chatkan | Sonu Nigam

मन तू Mann Tu Lyrics in Hindi is written by Abhishek Brahmachari for the movie Atkan Chatkan Mann Tu song sung by Sonu Nigam. Music is given by Drums Shivamani.

Song : Mann Tu
Writer : Abhishek Brahmachari
Movie : Atkan Chatkan
Singer : Sonu Nigam
Music : Drums Shivamani

Mann Tu Lyrics in Hindi

Mann Tu Lyrics in ENGLISH

Mann tu man ja
Kahe mane na

Re tu jag ki jalan tu kahe jane na
Re tu jag ki jalan tu kahe jane na

Tere pairon mein baand kas kar ke tak
Kahe udta phire patangon sa

Kabhi paani mein bahkar bundo mein rah kar
Ghulata rahe tu rango sa

Mann tu man ja
Kahe mane na

Re tu jag ki jalan tu kahe jane na
Re tu jag ki jalan tu kahe jane na

Zindagi ki patariyon pe
Zindagi ki patariyon pe
Rail sa dodta hai

Khel banke aap apne
Khel sa khelta hai

Tunn ankho ki apni gullak mein
Kitne sapne juta ke rakhe hai
Aur kandho pe kaise kwabonse bharke
Baste utha ke rakhe hai

Re tu bhola hai kitna bachho sa
Jid karta hai rooth jata hai

Mann tu man ja
Kahe mane na

Re tu jag ki jalan tu kahe jane na
Re tu jag ki jalan tu kahe jane na

Hore mann kahe jabran
Hore mann kahe jabran
Tu jor laagata hai

Hore man kahe khamkha
Tu shor machata hai
Tu na jane kyu re na mane kyu re
Tuta titli ke pankho sa

Tujhe ji bhar sada are kat khaya
Apno ne har ek danko sa

Re tu bhola hai kitna bachho sa
Diddh karta hai ruth jata hai

Mann tu man ja
Kahe mane na

Re tu jag ki jalan tu kahe jane na
Re tu jag ki jalan tu kahe jane na

Tere pairon mein baand kas kar ke tak
Kahe udta phire patangon se

Kabhi paani mein bahkar bundo mein rah ke
Ghulata rahe tu rango sa

Mann tu man ja
Kahe mane na

Re tu jag ki jalan tu kahe jane na
Re tu jag ki jalan tu kahe jane na

Mann tu man ja
Kahe mane na

Re tu jag ki jalan tu kahe jane na
Re tu jag ki jalan tu kahe jane na

 

मन तू Mann Tu Lyrics in HINDI

मन तू मान जा
काहे माने ना

रे तो जग की जलन काहे जाने ना
रे तो जग की जलन काहे जाने ना

तेरे पैरों मे बांध कस कर के तांथ
काहे उड़ता फिरे पतंगो सा

कभी पानी मे बहकर बूंदों मे रह कर
घुलता रहे तू रंगो सा

मन तू मान जा
काहे माने ना

रे तो जग की जलन काहे जाने ना
रे तो जग की जलन काहे जाने ना

जिंदगी की पटरियों पर
जिंदगी की पटरियों पर
रेल सा दोड़ता है

खेल बन के आप अपने
खेल सा खेलता है

तूने आँखों की अपनी गुल्लख मे
कितने सपने जूटा के रक्खे है
और कान्धो पे कैसे ख्वाबों से भर के
बस्ते उठा के रक्खे है

रे तू भोला है कितना बच्चो सा
जिद करता है रूठ जाता है

मन तू मान जा
काहे माने ना

रे तो जग की जलन काहे जाने ना
रे तो जग की जलन काहे जाने ना

होरे मन कहे जबरन
होरे मन कहे जबरन
काहे तू ज़ोर लगाता

होरे मन काहे खामखाँ
तू शोर मचाता है
तू ना जाने क्यू रे ना माने ना क्यू रे
टूटा तितली के पंखों सा

तुझे जी भर सदा अरे काट खाया
अपनो ने हर एक डंकों सा

रे तू भोला है कितना बच्चो सा
जिद करता है रूठ जाता है

मन तू मान जा
काहे माने ना

रे तो जग की जलन काहे जाने ना
रे तो जग की जलन काहे जाने ना

तेरे पैरों मे बांध कस कर के तांथ
काहे उड़ता फिरे पतंगो सा

कभी पानी मे बहकर बूंदों मे रह कर
घुलता रहे तू रंगो सा

मन तू मान जा
काहे माने ना

रे तो जग की जलन काहे जाने ना
रे तो जग की जलन काहे जाने ना

मन तू मान जा
काहे माने ना

रे तो जग की जलन काहे जाने ना
रे तो जग की जलन काहे जाने ना

 

 

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