परिंदा Parinda Lyrics – Amaal Mallik | Saina | Parineeti Chopra

परिंदा Parinda Lyrics in Hindi is sung by Amaal Mallik for the movie Saina starring Parineeti Chopra and music is given by Amaal Mallik. Lyrics is penned by Manoj Muntashir.

Song : Parinda
Movie : Sania
Singer : Amaal Mallik
Writer : Manoj Muntashir
Music : Amaal Mallik

Parinda Lyrics Sania Parineeti Chopra
Parinda Lyrics Sania Parineeti Chopra

Parinda Lyrics in ENGLISH

Jalna Bhujhna, Bujhke Jalna
Marna Jeena, Marke Jeena
Maangne Wali Cheez Nahi Ye
Mauka Uska Jisne Cheena

Girna Uthna, Uthke Chalna
Chad Ja Ambar Zeena Zeena
Yaad Rahe Ye Shart Safar
Peeche Mudke Dekh Kabhi Na

Jeet Ka Junoon Hai To
Haar Sochna Kyu
Jab Zindagi Hai Ek He
Do Baar Sochna Kyuuu?

Main Parinda Kyu Banu
Mujhe Aasman Bann Na Hai
Main Ek Panna Kyu Rahu
Mujhe Daasta Bann Na Hai
Main Parinda Kyu Banu
Mujhe Aasman Bann Na Hai

Koi To Wajah Hai
Jo Zidd Pe Aaddi Hai Ye Dhadkane
Yehi To Maza Hai
Kia Jo Kisi Ne Nahi Hum Kare

Talvaar Haath Mein Hai Tere
De Maar Sochna Kyu
Jab Zindagi Hai Ek He
Do Baar Sochna Kyu

Main Parinda Kyu Banu
Mujhe Aasman Bann Na Hai
Main Ek Panna Kyu Rahu
Mujhe Daasta Bann Na Hai
Main Parinda Kyu Banu
Mujhe Aasman Bann Na Hai

परिंदा Parinda Lyrics in HINDI

जलना बुझना बुझके जलना
मरना जीना मरके जीना
मांगने वाली चीज़ नही ये
मौका उसका जिसने छीना

गिरना उठना उठके चलना
चढ़ जा अम्बर ज़ीना ज़ीना
याद रहे ये शर्त सफ़र कि
पीछे मुड़के देख कभी ना

जीत का जुनूँ है तो
हार सोचना क्यूँ
जब ज़िंदगी है एक ही
दो बार सोचना क्यूँ

मैं परिंदा क्यूँ बनूँ
मुझे आसमाँ बनना है
मैं एक पन्ना क्यूँ रहूँ
मुझे दास्ताँ बनना है
मैं परिंदा क्यूँ बनूँ
मुझे आसमाँ बनना है

कोई तो वजह है
जो ज़िद्द पे अड़ी है
ये धड़कने
यही तो मज़ा है
किया जो किसी ने नही हम करें

कोई तो वजह है
जो ज़िद्द पे अड़ी है
ये धड़कने
हाँ यही तो मज़ा है
किया जो किसी ने नही हम करें

ललकार की घड़ी है ये
बेकार सोंचना क्यूँ
जब ज़िंदगी है एक ही
दो बार सोचना क्यूँ

मैं परिंदा क्यूँ बनूँ
मुझे आसमाँ बनना है
मैं एक पन्ना क्यूँ रहूँ
मुझे दास्ताँ बनना है
मैं परिंदा क्यूँ बनूँ
मुझे आसमाँ बनना है

सूरज आँख दिखा ले आज
कल तेरी आँख झुकनी है
तेरे अन्दर है जीतनी आग
यहाँ उससे भी दुगुनी है

सूरज आँख दिखा ले आज
कल तेरी आँख झुकनी है
तेरे अन्दर है जीतनी आग
यहाँ उससे भी दुगुनी है

तलवार हाथ में है तेरे
दे मार सोचना क्यूँ
जब ज़िंदगी है एक ही
दो बार सोचना क्यूँ

मैं परिंदा क्यूँ बनूँ
मुझे आसमाँ बनना है
मैं एक पन्ना क्यूँ रहूँ
मुझे दास्ताँ बनना है
मैं परिंदा क्यूँ बनूँ
मुझे आसमाँ बनना है

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